गुरुवार, 12 दिसंबर 2024

पुरोहिताई समाज की राजनीति का प्रवेश द्वार है।

पुरोहित प्रशिक्षण एवं शोध मिशन  (भाग - 19) 

आधुनिक *मानव जीवन की प्रत्येक समस्याओं का समाधान*

उसके *_राजनीतिक चाभी_* से खुलती है, और

इसके लिए  प्रत्येक समाज को संगठित, समझदार और सशक्त होकर

अपने "समाज की राजनीति" करनी होती है।

पुरोहिताई कोई एक साधारण एवं मामूली प्रभाव पैदा करने का उपकरण मात्र नहीं है, यह उससे बहुत ज्यादा सशक्त एवं कारगर उपकरण है, हथियार है, साधन है, यन्त्र है|

अतः *यदि आपको भी अपने समाज की हितों की समझ है, और

अपने समाज, यानि विस्तारित परिवार का कुछ कल्याण करना चाहते हैं, तो

आपको अपने 'समाज की राजनीति' करनी होगी, और

उस  'समाज की राजनीति' का प्रवेश द्वार ' _पुरोहिताई_ ' ही है।*

इसे समझिए। इसके बिना किसी की भी राजनीतिक अवधि क्षणिक (कुछ वर्षों की) ही होती है, जबकि  *पुरोहिताई आधारित राजनीति_* का प्रभाव लम्बी (शताब्दियों की) होती है।

*राजनीति में धर्म के उपयोग और प्रयोग पर विचार कीजिए।*          

आप समाज के बीच पुरोहित के रुप में जाकर देखिए, आपको समर्थन का *चेन रिएक्शन* का दौर शुरू हो जाएगा। 

इसके साथ ही आपको *पद, प्रतिष्ठा और कई प्रतिफल (आर्थिक भी)* भी मिलेगा। 

 *_इसे समझिए। और कम से कम अपने ही समाज का पुरोहित बनिए।_* 

आचार्य प्रवर निरंजन

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