पुस्तक - मूल निवासी का सच
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मौतें सामाजिक और ऐतिहासिक भी होती है
जी, यहाँ आदमियों की मौतों के बारे में बात हो रही है| शारीरिक मौतों के बारे तो सब कोई बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन आज हमलोग सामाजिक मौतों और ऐ...
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वैसे मुझे इस आलेख का शीर्षक ‘नीतीश कुमार का विकास’ नहीं देना चाहिए था, परन्तु इसी बहाने अविकसित क्षेत्रों के ‘विकास माडल’ पर एक गंभीर विमर्श...
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“होलिका दहन” या “होली का दहन” शब्द- युग्म देखने में तो एक जैसे लगते हैं, परन्तु इन दोनों में जमीन आसमान का अंतर हो जाता है| ‘होली का दहन...
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‘ब्राह्मणवाद’ भारत में बहुचर्चित एक शब्दावली है| आजकल भारत की अधिकांश आबादी अपनी समर्पित बौद्धिकता, समस्त वैचारिकी, पूरा समय एवं महत्वपूर्ण ...
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